एलोपेसिया एरीटा (बालों में कीड़ा लगने) के कारण और घरेलु उपचार

बालों का झड़ना आम बात है। रोजाना अधिकतर लोग कंघी करते समय, नहाने के दौरान और तेल लगाते समय गिरते बालों का सामना करते हैं। यह स्त्री और पुरुषों दोनों के साथ होता है। लेकिन जब बाल असामान्य ढंग से गिरने लगें, तो समझिए कि यह कोई सामान्य बात नहीं है। और जब गिरते बालों के साथ सिर (स्कैल्प) पर पैच की तरह बनने लगे तो समझ लीजिए कि आप एलोपेसिया (बालों में कीड़ा लगना) के शिकार हैं।

अब तक एलोपेसिया को संक्रामक रोग माना जाता था, लेकिन विश्व के त्वचा एवं बाल रोग विशेषज्ञों ने इसे ऑटो- इम्यून रोग के तौर पर स्वीकार कर लिया है। जब किसी व्यक्ति की प्रतिरक्षा प्रणाली (इम्यून सिस्टम) हेयर फॉलिकल पर हमला करने लगती है तो सिर और कई बार शरीर के अन्य हिस्से की त्वचा के बाल बुरी तरह से झड़ने लगते हैं। कभी- कभी तो सारे बाल गिर जाते हैं और दोबारा वापस भी आ जाते हैं।

यूं तो इसके लिए ट्रायकोलॉजिस्ट के पास जाकर इलाज कराया जा सकता है, लेकिन आप अपने घर पर प्राकृतिक तरीके से कुछ घरेलू उपायों को अपनाकर और अपनी लाइफस्टाइल में परिवर्तन लाकर एलोपेसिया (बालों में कीड़ा लगने की समस्या) को दूर कर सकते हैं।

बाल झड़ने की समस्या को चिकित्सकीय भाषा में एलोपेसिया एरीटा कहा जाता है। यह एक ऐसी समस्या है, जो महिला और पुरुष दोनों को अपना शिकार बना सकती है। इसके तहत सिर के बाल बुरी तरह से गिरने लगते हैं और व्यक्ति गंजेपन का शिकार हो जाता है। पुरुषों में अक्सर बाल किनारे और सामने की ओर से गिरते हैं। महिलाओं के बाल सिर के बीच वाले भाग से झड़ने लगते हैं। महिलाएं तो पूरी तरह से गंजी नहीं होती हैं, लेकिन पुरुष पूरी तरह से गंजे हो जाते हैं।

एलोपेसिया एरीटा (बालों में कीड़ा लगने) के कारण और घरेलु उपचार

एलोपेसिया के लक्षण – (Alopecia Symptoms In Hindi)

Alopecia कई तरह का होता है और उसके अनुसार ही इसके लक्षण भी अलग-2 होते हैं।

  1. एलोपेसिया एरीटा में बाल झड़ने पर सिर पर गोल- गोल पैच दिखाई देने लगते हैं।
  2. जब व्यक्ति सो कर सुबह जागता है तो उसके तकिये पर भी झड़े हुए बाल दिखते हैं।
  3. कहीं से बाल अधिक झड़ते हैं तो कहीं से बहुत कम, कहने का मतलब यह है कि बालों का गिरना समान तरह से नहीं होता।
  4. एलोपेसिया टोटलिस में स्कैल्प से अधिकतर बाल गिर जाते हैं।
  5. एलोपेसिया यूनिवर्सल में सिर के बालों के साथ शरीर के बाल भी झड़ने लगते हैं।
  6. कभी- कभी एलोपेसिया व्यक्ति के नाख़ून पर भी असर डालता है और नाख़ून टूटने लगते हैं।
  7. इस बिमारी को सामान्य भाषा में लोग बालों में कीड़ा लगना भी कहते हैं.

एलोपेसिया के कारण – ( Alopecia Causes In Hindi)

एलोपेसिया होने के कई कारण होते हैं।

  1. आनुवंशिक कारणों में यदि व्यक्ति के परिवार में पहले किसी को यह समस्या रही है तो उसे भी इसके होने की पूरी आशंका रहती है।
  2. कई बार महिलाओं में प्रेगनेंसी के समय एलोपेसिया की समस्या शुरू हो जाती है, जो बाद में ठीक हो जाती है, लेकिन कुछ लोगों में नहीं भी ठीक होती है।
  3. मेनोपॉज के दौरान और थायरॉयड होने पर भी बालों के झड़ने की समस्या यानी एलोपेसिया शुरू हो जाता है।
  4. कैंसर, आर्थराइटिस, ह्रदय रोग, गाउट, डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर की दवाइयों के साइड इफेक्ट्स होने पर भी एलोपेसिया के लक्षण दिख सकते हैं।
  5. कभी- कभार कुछ हेयर प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल और हॉट हेयर ट्रीटमेंट से भी एलोपेसिया दिख सकता है।
  6. उम्र बढ़ने के साथ भी बालों के झड़ने की समस्या हो जाती है।
  7. किसी ट्रॉमा, तनाव और चिंता से भी व्यक्ति के बाल तेजी से झड़ने शुरू हो जाते हैं, तो कभी- कभार ऑटो- इम्यून कंडीशन के कारण भी बालों का गिरना शुरू हो जाता है।

एलोपेसिया की जांच – (Diagnosis Of Alopecia in Hindi)

एलोपेसिया की जांच ट्रायकोलॉजिस्ट ही करते है। इसके लिए ब्लड टेस्ट कराया जाता है, जिससे शरीर में ऑटो – इम्यून डिजीज का पता भी लगता है। कभी- कभार बालों की स्थिति का पता लगाने के लिए भी अलग से टेस्ट किया जाता है। स्किन बायोप्सी भी एलोपेसिया का पता लगाने के लिए की जाती है।

एलोपेसिया का इलाज – ( Alopecia Treatment In Hindi)

एलोपेसिया का अब तक कोई ठोस इलाज नहीं मिल पाया है क्योंकि बाल अपनी गति से बढ़ते हैं, बस, हम उसमें उनकी मदद कर सकते हैं। यदि आप ट्रायकोलॉजिस्ट के पास एलोपेसिया के इलाज के लिए जायेंगे तो वह आपको कई तरह की सलाह दे सकता है ।

एलोपेसिया के लिए घरेलू उपाय – (Home Remedies For Alopecia In Hindi)

एलोपेसिया के कुछ घरेलू उपचार बेहद काम के हैं। आप नियमित तौर पर इनके प्रयोग से अपने आप को एलोपेसिया से छुटकारा दिला सकते हैं।

1. प्याज

प्याज बालों के लिए बहुत फायदेमंद है। इसमें ज़िंक पाया जाता है जो स्कैल्प में प्राकृतिक तेल के उत्पादन में मदद करता है। रूसी को दूर करता है और इसमें निहित आयरन से ऑक्सीजन की कमी दूर होती है। यही वजह है कि बालों में प्याज का रस लगाने की सलाह दी जाती है।

उपयोग का तरीका

  • प्याज के टुकड़े करके मिक्सार में पीस लें।
    अब किसी पतले सूती कपड़े से इस मिश्रण को छानकर रस निकाल लें।
    अब रुई की सहायता से रस को बालों की लंबाई और स्कैल्प पर सही तरह से लगा लें। ध्यान दें कि रस अच्छी तरह से पूरे बालों और जड़ों पर लग गया हो।
    अब आधे घंटे के बाद बालों में शैम्पू कर लें।
    आप सप्ताह में दो बार प्याज के रस को बालों पर लगा सकती हैं। धीरे- धीरे आपके बाल झड़ने बंद हो जाएंगे।

2. शहद

शहद में कई विटामिन और मिनरल होते हैं, जिनकी वजह से शहद को बेहतरीन एंटी- माइक्रोबियल, एंटी- फंगल और एंटी- ऑक्सीडेंट माना जाता है। यह रूसी से बालों को बचाता है और बालों के गिरने को कम करता है।

उपयोग का तरीका

  • शहद के साथ आप जैतून का तेल इस्तेमाल में लायेंगे तो यह आपके बालों की एलोपेसिया की समस्या को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
  • दोनों को मिलाकर हल्का गुनगुना कर लें, फिर इसमें छाछ मिलाएं।
  • अब इस मिश्रण को स्कैल्प पर लगाएं और आधे घंटे तक लगे रहने दें।
    इसके बाद शैम्पू से बाल धो लें ।
  • आप सप्ताह में दो बार इस मिश्रण को बालों पर लगा सकते हैं।

3. नारियल का तेल

नारियल का तेल बालों के लिए लाभदायक है। इसमें व्याप्त लॉरिक एसिड बालों के बढ़ने में अहम भूमिका निभाता है। बालों में इससे की गई मालिश से बल्ड सर्कुलेशन में भी वृद्धि होती है, जिससे बालों की जड़ें मजबूत होती हैं। अगर आपको कोल्ड प्रेस्ड नारियल का तेल मिल जाए तो इससे बेहतर कुछ और नहीं। यह प्राकृतिक तौर पर नारियल से निकाला गया तेल होता है।

उपयोग का तरीका

  • नारियल के तेल को गुनगुना कर लें।
  • अब उंगलियों के पोरों से इसे बालों की पूरी लंबाई और जड़ों पर अच्छी तरह से लगाएं।
  • बेहतर तो यह होगा कि आप इसे रात में सोने से पहले लगाएं और सुबह उठकर शैम्पू कर लें।

4. एलो वेरा

एलो वेरा में मॉइस्चराइजर भरपूर होता है, जो स्कैल्प को नम रखने में मददगार है। इसमें बालों को विकसित करने और उसे झड़ने से बचाने की क्षमता भी होती है।

उपयोग का तरीका

  • आप प्राकृतिक एलो वेरा का इस्तेमाल करें। एक डंठल तोड़ लें और उसे छीलकर जेल निकाल लें।
  • अब इस जेल को बालों की पूरी लंबाई और स्कैल्प पर लगाकर हल्के हाथों से मालिश करें। करीब आधा घंटा वैसे ही छोड़ दें और फिर शैम्पू कर लें।
  • आप एलो वेरा जेल को हर दूसरे- तीसरे दिन लगा सकते हैं।

5. मेथी

मेथी बालों के लिए बहुत ही अच्छी है, इसमें हर तरह के विटामिन होते हैं जो बालों को झड़ने से बचाते हैं। इसलिए एलोपेसिया के इलाज में मेथी जादुई तरीके से प्रभाव दिखती है।

उपयोग का तरीका

  • मेथी को मिक्सर में पीस कर पाउडर बना लें।
  • अब इस पाउडर को नारियल तेल में मिलाकर गंजेपन वाली जगह पर लगाएं।
  • जब यह पेस्ट सूख जाए तो शैम्पू करके बाल धो लें।
  • आप इस मिश्रण को हर दूसरे दिन बालों पर लगा सकते हैं।
  • एलोपेसिया के इलाज के तौर पर यह बहुत कारगर है।

एलोपेसिया से बचाव – ( Prevention Tips For Alopecia In Hindi)

Alopecia से बचाव मुश्किल नहीं है। कुछ विशेष बातों को ध्यान में रखकर आप खुद को बालों की इस परेशानी से बचा सकते हैं।

  • अपने खान- पान को सही करें, जंक और तला-भुना भोजन कम से कम लें।
  • बालों को धोने के लिए केमिकल युक्त शैम्पू का इस्तेमाल ना करें। बल्कि कोई भी केमिकल युक्त प्रोडक्ट का इस्तेमाल बालों पर न करें। इसकी जगह आपके बालों के अनुकूल हर्बल शैम्पू का इस्तेमाल करें।
  • बालों में तेल मालिश को अपनी दिनचर्या में शामिल कर लें, हफ़्ते में दो दफ़ा तेल को बालों में ज़रूर लगाएं।
  • यदि किसी प्रदूषण वाली जगह जा रहे हैं तो अपने बाल ढक कर रखें।

निष्कर्ष – Conclusion

एलोपेसिया बालों से जुड़ी एक ऐसी समस्या है, जिससे निजात पाने के लिए आप घरेलू इलाज की मदद ले सकते हैं। साथ ही, अपनी डाइट में बदलाव लाकर और कुछ ज़रूरी चीजों को ध्यान में रखना चहिये। यदि कोई व्यक्ति एलोपेसिया से जूझ रहा है तो उसे इन घरेलू उपायों के बारे में बताकर आप उनकी मदद कर सकते हैं। यूं तो एलोपेसिया के लिए कुछ ओटीसी दवाइयां उपलब्ध हैं लेकिन बेहतर होगा कि किसी अच्छे ट्रायकोलॉजिस्ट से सलाह लेकर ही उनका सेवन करें।

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